प्रोडक्ट्सERP

• Enterprise Resource Planning

सही खरीदिए। अपने खातों पर भरोसा कीजिए।

कोटेशन देने से पहले फ़िज़िबिलिटी जाँचें, पूरा वेयरहाउस चलाएँ, सिर्फ़ क्वालिफ़ाइड वेंडरों से खरीदें, और हर लॉट को सप्लायर से ग्राहक तक ट्रेस करें।

अकेले भी चलता है। आप तैयार हों, तब जुड़ जाता है।

SALES ORDER · SO-0142

Know the customer, then quote.

Meridian HealthOrder SO-0142 · B-2281
Licence
Current
Price list
Regional
Invoice
E-invoice ready
Licence currentChecked at quotation
Regional price appliedPrice list for the market
E-invoice readyE-way bill on dispatch

Know the customer. Quote with confidence.

Customers, licences, regional pricing, quotations and sales orders sit on one record.

समस्या

आपका स्टॉक कहता है हाँ।
क्वालिटी मना कर देती है।

ज़्यादातर प्लांट कॉमर्स एक टूल में, स्टोर्स एक रजिस्टर में और गुणवत्ता स्टेटस किसी तीसरी जगह चलाते हैं। ऑडिट फ़ाइंडिंग्स और बर्बाद दिन इन्हीं के बीच के गैप से आते हैं।

• 01 · मूल कारण

लाइसेंस की जाँच किसी एक की याददाश्त पर टिकी होती है।

किसी मंगलवार को एक वेंडर का लाइसेंस लैप्स हो जाता है। जब तक PO जा चुका होता है, मटीरियल आ चुका होता है और कोई कागज़ात माँगता है, तब तक किसी का ध्यान नहीं जाता।

• 02 · मूल कारण

शेल्फ़ पर होने का मतलब अप्रूव्ड होना नहीं है।

स्टॉक काउंट कहता है कि मटीरियल मौजूद है। उसका क्वालिटी स्टेटस एक अलग रजिस्टर में है, इसलिए व्यस्त शिफ़्ट में गलत लॉट डिस्पेंसिंग तक पहुँच जाता है।

• 03 · इसकी कीमत

पता ऑडिट में चलता है, या ग्राहक के पास।

फ़्लोर पर बिना अप्रूवल का मटीरियल, कीमत में ऐसी बढ़ोतरी जिसका किसी को अंदाज़ा नहीं था, एक लॉट जिसे कोई ट्रेस नहीं कर सकता। हर एक को सुलझाने में दिन लगते हैं और पीछे एक फ़ाइंडिंग छूट जाती है।

हर बैच के पीछे का कारोबार

पाँच चीज़ें, जिनके बारे में आपका प्लांट
अब नहीं करनी पड़ती।

पहली इन्क्वायरी से आखिरी डिस्पैच तक, आपके प्लांट का कमर्शियल पक्ष और मटीरियल पक्ष एक ही रिकॉर्ड पर चलते हैं।

01 / इन्क्वायरी से ऑर्डर तक

सिर्फ़ उसी ऑर्डर को हाँ कहें जिसे आप बना सकते हैं।

हर इन्क्वायरी ग्राहक के पूरे रिकॉर्ड से शुरू होती है। नए प्रोडक्ट के लिए कोटेशन से पहले फ़िज़िबिलिटी चेक होता है, और ऑर्डर तभी कन्फ़र्म होते हैं जब क्रेडिट और प्राइसिंग क्लियर हों।

  • 01
    पहले फ़िज़िबिलिटी जाँचें।

    हर नए प्रोडक्ट की इन्क्वायरी पर फ़िज़िबिलिटी स्टडी करें, और उम्मीद वाले मामलों को एग्ज़िबिट ऑर्डर में बदलें।

  • 02
    ग्राहक को जानें।

    क्रेडिट स्टेटस, रीजनल प्राइस लिस्ट, ब्रांड बुक, लाइसेंस, शिकायतें और CoA एक ही अकाउंट पर रखें।

  • 03
    रिकॉर्ड से ही इनवॉइस।

    ऑर्डर से ही e-way bill और ई-इनवॉइस बनाएँ, और डिस्पैच के साथ CoA भेजें।

02 / एक पूरा वेयरहाउस

हर लॉट का एक लेबल, एक जगह, एक स्टेटस और एक हिस्ट्री होती है।

रिसीव, क्वारंटीन, सैंपल, स्टोर और इश्यू, सब एक ही फ़्लो में। हर स्टेप पर लेबल प्रिंट होते हैं, पिकिंग FIFO या FEFO से होती है, और स्टोर्स रिमाइंडर से नहीं, रोस्टर से चलते हैं।

  • 01
    रिसीव करें और लेबल लगाएँ।

    GRN लेबल प्रिंट करें, लॉट को क्वारंटीन करें, और QC के रिलीज़ करने से पहले रॉ और पैकिंग मटीरियल का सैंपलिंग टेस्ट चलाएँ।

  • 02
    सही पिक करें।

    सिर्फ़ रिलीज़्ड स्टॉक से, FIFO या FEFO के हिसाब से इश्यू करें। हर लॉट के साथ एक्सपायरी और रीटेस्ट की तारीखें दिखती हैं।

  • 03
    स्टोर्स को व्यवस्थित रखें।

    लेआउट डिज़ाइन करें, रूम की कंडीशन लॉग करें, रखरखाव और डिस्पोज़ल रोस्टर पर चलाएँ, और हर मटीरियल मूवमेंट पर लेबल लगाएँ।

03 / वेंडर क्वालिफ़िकेशन & OTIF

सिर्फ़ उन्हीं वेंडरों से खरीदें जिन्हें QA ने अप्रूव किया है, और साबित करें कि वे डिलीवर करते हैं।

हर नए वेंडर को पहले ऑर्डर से पहले QA अप्रूवल चाहिए। उसके बाद शेड्यूल के अनुसार उनका रीक्वालिफ़िकेशन होता है और असल में जो माल आता है, उसके आधार पर उन्हें स्कोर मिलता है।

  • 01
    QA के साथ क्वालिफ़ाई करें।

    हर मटीरियल के लिए QA अप्रूवल के साथ वेंडर ऑनबोर्ड करें। PO सिर्फ़ अप्रूव्ड लिस्ट वाले वेंडर को ही जा सकता है।

  • 02
    शेड्यूल पर दोबारा क्वालिफ़ाई करें।

    लाइसेंस, सर्टिफ़िकेशन और रीक्वालिफ़िकेशन की तारीखें वेंडर रिकॉर्ड पर ही रखें, ताकि कुछ भी चुपचाप लैप्स न हो।

  • 03
    रिसीट पर ही OTIF मापें।

    असली GRN से ऑन-टाइम, इन-फ़ुल डिलीवरी का स्कोर निकालें, रिजेक्शन और वेंडर कंप्लायंस के साथ।

04 / कीमत के ट्रेंड & लीड टाइम

कीमत में बढ़ोतरी और देरी को फ़्लोर तक पहुँचने से पहले देखें।

हर PO और रिसीट से हर मटीरियल और हर वेंडर की कीमत और लीड टाइम हिस्ट्री बनती है, जो आपके पास पहले से मौजूद स्टॉक के ठीक बगल में दिखती है।

  • 01
    हर मटीरियल की कीमत ट्रैक करें।

    वेंडरों और अवधियों के हिसाब से कीमत के रुझान और परचेज़ प्राइस वेरिएंस पर नज़र रखें।

  • 02
    असली लीड टाइम जानें।

    लीड टाइम PO से रिसीट तक मापें, कोटेशन वाला नहीं।

  • 03
    सही समय पर खरीदें।

    कीमत, लीड टाइम और हाथ में स्टॉक एक साथ देखें, और असली आँकड़ों से रीऑर्डर पॉइंट तय करें।

05 / लॉट जीनियोलॉजी

किसी भी लॉट को दोनों दिशाओं में, एक ही व्यू में ट्रेस करें।

हर लॉट अपना सप्लायर, रिसीट, लेबल, गुणवत्ता से जुड़े फ़ैसले, मूवमेंट, इश्यू और डिस्पैच सहेजकर रखता है। ट्रेस मैप पूरा रास्ता एक साथ दिखाता है।

  • 01
    पीछे की ओर ट्रेस करें।

    ग्राहक को हुए डिस्पैच से उसके पीछे के सप्लायर लॉट और रिसीट तक पहुँचें।

  • 02
    आगे की ओर ट्रेस करें।

    एक सप्लायर लॉट से हर उस इश्यू, ट्रांसफर और ग्राहक तक पहुँचें जहाँ वह गया।

  • 03
    MES के साथ और गहराई में जाएँ।

    MES जुड़ा हो, तो जीनियोलॉजी लॉट को हर बैच, स्टेज और इंटरमीडिएट तक फ़ॉलो करती है।

अंदर क्या है

Everything ERP runs,
मॉड्यूल-दर-मॉड्यूल।

सेल्स, पर्चेज़, इन्वेंटरी और वेयरहाउस, एक रेगुलेटेड प्लांट को जिन कंट्रोल्स की ज़रूरत होती है, उनके इर्द-गिर्द बने हुए।

ERP

सेल्स

इन्क्वायरी और फ़ीज़िबिलिटी से लेकर इनवॉइस, पेमेंट और क्रेडिट नोट तक।

  • ग्राहक
  • इन्क्वायरी
  • फ़िज़िबिलिटी
  • प्राइसिंग मैट्रिक्स
  • कोटेशन
  • सेल्स ऑर्डर
  • डिस्पैच
  • इनवॉइस
  • पेमेंट
  • क्रेडिट नोट
  • लाइसेंस चेक
  • रीजनल प्राइस लिस्ट
  • कोट-टू-कैटलॉग
  • लीड-टू-ऑर्डर
  • E-way bill
  • ई-इनवॉइस
ERP

खरीद

रिक्वेस्ट, ऑर्डर और रिसीट, सिर्फ़ क्वालिफ़ाइड वेंडरों से।

  • परचेज़ रिक्वेस्ट
  • परचेज़ ऑर्डर
  • रिसीट
  • वेंडर क्वालिफ़िकेशन
  • OTIF
  • कॉस्ट ट्रेंड विश्लेषण
  • डेबिट नोट
  • खर्चे
  • वेंडर OTIF
  • मटीरियल प्राइस ट्रेंड
  • लीड टाइम ट्रैकिंग
  • अप्रूव्ड वेंडर लिस्ट
  • रीक्वालिफ़िकेशन शेड्यूल
ERP

इन्वेंटरी

रिसीट से डिस्पैच तक हर लॉट, रास्ते में सैंपल और रिलीज़ होकर।

  • प्राप्त माल
  • सैंपलिंग टेस्ट
  • स्टॉक
  • मटीरियल एक्सचेंज
  • स्टॉक लेजर
  • फ़िनिश्ड गुड्स रिसीट
  • माल डिस्पैच
  • रिटर्न
  • GRN पर सैंपलिंग
  • FIFO & FEFO पिक
  • प्रारंभिक इंस्पेक्शन
  • OOS/OOT अलर्ट
  • एक्सपायरी अलर्ट
  • रीऑर्डर पॉइंट
  • लॉट जीनियोलॉजी & ट्रेस मैप
ERP

वेयरहाउस

ज़ोन, रैक और बिन, उनकी कैपेसिटी और कंडीशन के साथ।

  • वेयरहाउस
  • स्टोरेज ज़ोन
  • रीलोकेशन
  • अपलिफ़्टिंग
  • डिस्पोज़ल
  • रखरखाव
  • बिन लेजर
  • ड्यूटी रोस्टर
  • रूम कंडीशन लॉग
  • पेस्ट कंट्रोल ट्रैकिंग

Task Manager

हर टास्क, अप्रूवल और बातचीत, बिना किसी चीज़ के पीछे हाथ से भागे।

  • टास्क
  • अलर्ट
  • रिमाइंडर
  • बातचीत
  • वेरिएंस
  • ऑटोमैटिक रिमाइंडर
  • SLA के साथ अप्रूवल
  • संबंधित सर्च

लाइब्रेरी

हर मॉड्यूल के लिए मास्टर डेटा, चेंज कंट्रोल के तहत।

  • मास्टर
  • मटीरियल
  • कैटलॉग
  • स्पेसिफ़िकेशन
  • प्राइसिंग
  • ब्रांड & लेबल
  • वर्ज़न कंट्रोल

इंडस्ट्री पैक

हर रेगुलेटेड कैटेगरी के लिए कंट्रोल, उन्हीं रिकॉर्ड और वर्कफ़्लो पर।

अहम पल

वे दिन जब आपका ERP
अपनी कीमत वसूल करता है।

पाँच हालात, जिनसे हर प्लांट गुज़रता है। देखिए Factro में क्या होता है।

01

एक ग्राहक ऐसा प्रोडक्ट माँगता है जो आपने कभी नहीं बनाया।

इन्क्वायरी ग्राहक के रिकॉर्ड पर ही फ़िज़िबिलिटी स्टडी खोलती है। अगर ट्रायल चाहिए, तो वह एग्ज़िबिट ऑर्डर बन जाती है, और सेल्स अंदाज़े के बजाय सबूत पर कोटेशन देती है।

02

एक अहम रॉ मटीरियल इस तिमाही 12% महँगा है।

प्राइस ट्रेंड इसे PO हिस्ट्री के साथ, लीड टाइम, OTIF और हाथ में स्टॉक के साथ दिखाता है। पर्चेज़ के पास अगले कोटेशन से पहले ही अपनी स्थिति होती है, बाद में नहीं।

03

शाम 6 बजे एक ट्रक आता है।

GRN अपने लेबल प्रिंट करता है और लॉट को क्वारंटीन में रखता है। QC के लिए सैंपलिंग लेबल जाते हैं। स्टोर्स लॉट देख सकता है, पर QC के रिलीज़ करने तक कोई उसे इश्यू नहीं कर सकता।

04

एक लॉट QC पास करता है, जब उसकी चार महीने की शेल्फ़ लाइफ़ बची है।

FEFO उसे अगले पिक में सबसे आगे रखता है, उन लॉट से भी पहले जो पहले आए लेकिन बाद में एक्सपायर होंगे। शेल्फ़ पर कुछ भी अपनी एक्सपायरी डेट तक नहीं पहुँचता।

05

एक सप्लायर अपने किसी लॉट में समस्या की सूचना देता है।

ट्रेस मैप खोलें। जिस-जिस रिसीट, ट्रांसफर, इश्यू और डिस्पैच से वह गुज़रा, सब एक ही स्क्रीन पर है, साथ में यह भी कि किन ग्राहकों को वह मिला।

यह किसके लिए है

उन लोगों के लिए बना, जो
मटीरियल और पैसा चलते रखते हैं।

हर भूमिका के लिए Factro अपनी अलग स्क्रीन पर खुलता है, काम के लिए ज़रूरी सबूतों के साथ।

01 / किसके लिए

सेल्स एग्ज़ीक्यूटिव

सही क्षेत्रीय कीमत और क्रेडिट स्टेटस के साथ कोटेशन, और नए प्रोडक्ट के लिए फ़िज़िबिलिटी, बिना ईमेल की लंबी चेन के।

  • 01

    नए प्रोडक्ट की इन्क्वायरी पर फ़िज़िबिलिटी, बिना लंबी ईमेल चेन के

  • 02

    हर कोटेशन पर क्षेत्रीय प्राइस लिस्ट और क्रेडिट स्टेटस

  • 03

    हर वादे के पीछे शेल्फ़ स्टॉक नहीं, रिलीज़ हुआ स्टॉक

शुरू करने से पहले

सवाल
जो प्लांट हमसे पूछते हैं।

जो ऑपरेशन आपके पास है, उसी से शुरू करें। जिन कंट्रोल और कनेक्शन की ज़रूरत है, उन्हें तय करें।

हमारी टीम से बात करें

क्या ERP, MES और QMS के बिना काम करता है?

हाँ। ERP अपने ख़ुद के कंट्रोल के साथ सेल्स, परचेज़, इन्वेंटरी और वेयरहाउस अकेले चलाता है। जब MES या QMS जुड़ते हैं, तो वे उसी का डेटाबेस साझा करते हैं: जीनियोलॉजी हर बैच तक जाती है, और QC होल्ड दर्ज होते ही स्टोर्स तक पहुँच जाता है।

क्या सेल्स टीम ऐसे स्टॉक का वादा कर सकती है जो अभी QC में है?

नहीं। अवेलेबल-टू-प्रॉमिस सिर्फ़ रिलीज़्ड स्टॉक गिनता है। क्वारंटीन और रिजेक्टेड लॉट स्टोर्स और QC को दिखते रहते हैं, लेकिन सेल्स उन्हें कमिट नहीं कर सकती।

ERP किसी अनक्वालिफ़ाइड वेंडर से खरीद को कैसे रोकता है?

हर मटीरियल की अपनी अप्रूव्ड वेंडर लिस्ट होती है, जो QA के साथ क्वालिफ़ाई की जाती है। जब यह कंट्रोल चालू हो, तो लिस्ट से बाहर वाले या लाइसेंस खत्म हो चुके वेंडर को दिया गया PO अस्वीकार हो जाता है। किसी एक्सेप्शन के लिए अप्रूवल चाहिए, और अस्वीकृति व अप्रूवल दोनों ऑडिट ट्रेल में दर्ज रहते हैं।

क्या ERP लाइसेंस, पोटेंसी और सेग्रिगेटेड स्टोरेज संभालता है?

हाँ, आपके इंडस्ट्री पैक के ज़रिए। लाइसेंस चेक, पोटेंसी-एडजस्टेड डिस्पेंसिंग और अलग स्टोरेज आपके प्लांट के पैक के साथ चालू हो जाते हैं, जबकि कोर ERP हर इंडस्ट्री के लिए एक जैसा रहता है।

हम किसी लॉट को कहाँ तक ट्रेस कर सकते हैं?

दोनों दिशाओं में, सप्लायर लॉट से ग्राहक डिस्पैच तक और वापस, हर रिसीट, ट्रांसफ़र और इश्यू के ज़रिए। MES जुड़ा होने पर ट्रेस हर बैच, स्टेज और इंटरमीडिएट से होकर भी लॉट को फ़ॉलो करता है, इसलिए रिकॉल से जुड़े सवाल का जवाब एक ही सर्च में मिल जाता है।

क्या हमें अब भी Tally या अपने मौजूदा अकाउंटिंग सिस्टम की ज़रूरत है?

हाँ, स्टैच्युटरी लेजर के लिए। Factro उसे इनवॉइस, वेंडर बिल, पेमेंट, और क्रेडिट व डेबिट नोट, आपके लेजर नामों से मैप किए गए Tally XML या CSV के रूप में भेजता है। ऑनबोर्डिंग के दौरान आपके GST क्रेडेंशियल सेट होते ही ई-इनवॉइस और e-way bill ऑर्डर से ही बनते हैं।

क्या हम अपने आइटम, वेंडर और ग्राहक मास्टर ला सकते हैं?

हाँ। ऑनबोर्डिंग के दौरान हम उन्हें स्प्रेडशीट या आपके मौजूदा सिस्टम से इम्पोर्ट करते हैं, और कुछ भी लाइव होने से पहले आपकी टीम उन्हें रिव्यू और अप्रूव करती है।

इसे अपना वर्कफ़्लो बनाएँ

एक वेंडर लिस्ट और एक GRN लेकर आइए।
कंट्रोल्स को टिके रहते देखें।

अपने मटीरियल और अपने SOP पर, हमारी टीम के साथ अपनी ख़रीद और स्टोर्स को देखें। हम दिखाएँगे कि चेक कहाँ लगे हैं।